नई दिल्ली/दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में पिछले हफ्ते चार इंस्पेक्टर समेत 27 से अधिक एसआई को स्थानांतरित कर दिया है.आने वाले महीनों में इस यूनिट में बड़े बदलावों की दिशा में इसे पहले कदम के रूप में देखा जा रहा है. सूत्रों की मानें तो संभावना है कि मुंबई, यूपी और अन्य राज्यों की तरह इस यूनिट का नाम भी दिल्ली-एटीएस (आतंकवाद विरोधी दस्ता) रखा जा सकता है और इसका आकार भी छोटा हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक यह स्थानांतरण आदेश आतंकी मामलों से निपटने वाले मुख्य एसीपी के जाने से पहले आया है, जो अगले महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इस यूनिट के प्रमुख तीन महीने बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके बाद केवल मौजूदा अतिरिक्त आयुक्त ही बचेंगे. उन्हें भी जल्द दिल्ली से बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है.वर्तमान में स्पेशल सेल का प्रबंधन डीसीपी मनीषी चंद्रा और प्रतीक्षा गोदारा कर रही हैं.गोदारा कुछ समय पहले हरियाणा पुलिस में तैनात थीं.उन्होंने एजीएमयूटी कैडर से हरियाणा कैडर में ट्रांसफर लिया था.वापसी पर उन्हें आतंकवाद विरोधी इकाई का डीसीपी बनाया गया है.संभावना है कि जनवरी तक वह पदोन्नत होकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भी बन सकती है. कुछ अधिकारियों की सहमति से राजीव श्रीवास्तव, शिव राज रावत, अरविंद सिंह, संजीव कुमार, राकेश सिंह राणा और विनोद कुमार को स्थानांतरित किया गया है. मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) के एसीपी राहुल विक्रम और उनके इंस्पेक्टरों को अगले महीने के बाद एनडीआर में रखा जाएगा. विक्रम को “एक्सपोजर” हासिल करने और तैयार होने के लिए लोधी कालोनी में नई दिल्ली रेंज कार्यालय का दौरा शुरू करने के लिए कहा गया है.वहीं कुछ अधिकारी उन इंस्पेक्टरों को भी वापस ला सकते हैं, जिन्हें उन्होंने दो साल पहले यूनिट से बाहर स्थानांतरित कर दिया था. राजधानी में आतंकवाद से निपटने के लिए 80 के दशक के अंत में स्पेशल सेल का गठन किया गया था. इस यूनिट को 2001 के संसद हमले के मामले को 36 घंटों के भीतर सुलझाने का श्रेय दिया गया,और इसी सेल ने इंडियन मुजाहिदीन मॉड्यूल का भी सफाया किया था।

Posted By: क्राइम रिपोर्टर