नई दिल्ली/मूकसत्ता, दिल्ली में आयोजित कोरियन कल्चरल सेंटर इंडिया द्वारा आयोजित रंग दे कोरिया महोत्सव के चौथे संस्करण ने दिल्लीवासियों को कोरियाई संस्कृति की जीवंत झलक दिखाई. नेक्सस सिलेक्ट सिटीवॉक प्लाज़ा,साकेत में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन भारत में कोरिया गणराज्य के राजदूत, महामहिम ली सियोंग-हो द्वारा किया गया. उद्घाटन के बाद, कोरिया से आए सांस्कृतिक दलों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.कुक्कीवोन ताइक्वांडो टीम, एस-फ्लेवा (पारंपरिक संगीत और बी-बॉयिंग का संगम), और कोरियाई पारंपरिक नृत्य दल ने कोरिया की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का ‘सियोल स्ट्रीट’ का अनुभव, जिसे देखने के लिए दर्शक सुबह से ही बड़ी संख्या में पहुँचने लगे. यह पाँच विशेष ज़ोन को मिलाकर तैयार किया गया था,जो दिल्ली में कोरिया की राजधानी सियोल की झलक प्रस्तुत कर रहे थे.सियोल को अक्सर एक ऐसा शहर कहा जाता है जहाँ सदियों पुरानी परंपराएँ और आधुनिक तकनीक एक साथ सांस लेती हैं. यह शहर कोरियन ड्रामा और के-पॉप संस्कृति का केंद्र रहा है, और दुनियाभर के प्रशंसकों के लिए यह सिर्फ एक राजधानी नहीं, बल्कि उनके पसंदीदा गानों, कहानियों और शो का जीवंत मंच है.दिल्ली में आयोजित इस महोत्सव ने भारतीय हल्ल्यू प्रशंसकों को सियोल का यही जादू महसूस करने का अवसर दिया.वहीं कोरियन कल्चरल सेंटर इंडिया के निदेशक ह्वांग इल योंग ने कहा,मैं दिल्लीवासियों का दिल से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने कोरियाई संस्कृति को अपनाया और उसका भरपूर समर्थन किया.आज कोरियाई संस्कृति भारत की युवा पीढ़ी के बीच एक मुख्यधारा सांस्कृतिक प्रवाह बन चुकी है. के-ब्यूटी और के-फूड जैसे कोरियाई उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इस महोत्सव के माध्यम से हमारा उद्देश्य कोरिया-भारत सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और विस्तार देना है, साथ ही दोनों देशों के बीच आपसी समझ और मित्रता को और गहरा करना भी है।

Posted By: प्रमुख संवाददाता