नई दिल्ली/ बाहरी दिल्ली इलाके में कालोनियों के नाम पर धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जिसमे की स्वरूप नगर में तिवारी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्म के मालिक शैलेंद्र तिवारी और विजयंता तिवारी ने अखबार व अन्य माध्यमों से विज्ञापन दिया कि सोनीपत, नरेला,स्वरूप नगर और लोनी में सस्ते दामो पर प्लॉट उपलब्ध हैं.इस तरह आम लोगों से प्लाट के नाम पर टोकन मनी लेना शुरू किया इसी कड़ी में अनिल शुक्ला और 28 अन्य लोगों से प्लॉट के नाम पर डेढ़ करोड़ से ज्यादा रुपये इकट्ठा कर लिया. जब प्लाट की रजिस्ट्री करने की बारी आई तो दोनों पति पत्नी गायब हो गये, पीड़ित लोगो ने इसके बाद पुलिस में शिकायत की, दिल्ली पुलिस ने इस मामलें में एक टीम का गठन कर जाँच शुरू की तो पता चला कि तिवारी दम्पति युपी के गोरखपुर के रहने वाले हैं, तुरंत पुलिस ने कार्यवाही करते हुए गोरखपुर पहुँचे, लेकिन ये बंटी बबली वहां से भाग निकले.,इसके बाद पुलिस ने मोबाईल सर्विलांस व गुप्त सूचना के आधार पर दोनो को गुजरात के अहमदाबाद से एक किराये के मकान से गिरफ्तार कर लिया, पूछताछ में पता चला कि शैलेंद्र तिवारी आठवीं पास जबकि वाइफ विजयंता तिवारी 12वी पास है दोनों ने मिलकर तिवारी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी बनाई। पुलिस ने लोगों को सलाह देते हुए एडवाइजरी जारी किया कि इस तरह किसी के झाँसे मे न आये, कोई भी जमीन जायदाद पहले खोजबीन के बाद ही लें।

Posted By: क्राईम रिपोर्टर