नई दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो काँफ्रेस के जरिये देश भर में 51 हज़ार से ज्यादा युवाओं को शनिवार को रोजगार मेले के अंतर्गत न्युक्ति प्रदान की इस मौके पर पीएम ने कहा कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित रोजगार मेले युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के संकेत हैं, जहां मिशन मोड में काम चल रहा है. मोदी ने भर्ती प्रक्रियाओं में युवाओं के बढ़ते भरोसे पर बल देते हुए कहा,हम न केवल रोजगार प्रदान कर रहे हैं बल्कि एक पारदर्शी प्रणाली भी कायम रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार न केवल प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने का प्रयास कर रही है बल्कि परीक्षा प्रक्रिया का पुनर्गठन भी कर रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मचारी चयन प्रणाली के तहत भर्ती में लगने वाला समय भी घटाकर आधा कर दिया गया है. मोदी ने बताया, रोजगार की अधिसूचना से लेकर रोजगार-पत्र मिलने तक का अंतराल काफी कम हो गया है. कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के तहत कुछ परीक्षाओं के बारे में उन्‍होंने बताया कि परीक्षाएं अब हिंदी और अंग्रेजी के अतिरिक्‍त 13 विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं, जिससे उन उम्मीदवारों के लिए भाषा की बाधा को तोड़ना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा,सरकार रोजगार के अवसर प्रदान करने वाले पारंपरिक क्षेत्रों को सुदृढ़ कर रही है और साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष, ऑटोमेशन और रक्षा निर्यात जैसे नए क्षेत्रों को भी बढ़ावा दे रही है. उन्होंने ड्रोन प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नए रास्ते खोलने का भी जिक्र किया और इसकी मदद से किए जा रहे फसल मूल्यांकन और पोषक तत्वों के छिड़काव का उदाहरण दिया. प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत भूमि मानचित्रण के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने ड्रोन का उल्‍लेख करते हुए बताया कि ड्रोन के माध्‍यम से ही हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पिति क्षेत्र में दवाएं पहुंचाई जा रही है और इससे अनुमानित समय 2 घंटे से घटकर 20-30 मिनट से भी कम हो गया। श्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स को भी ड्रोन से बहुत लाभ पहुंचा है और नए डिजाइन और उन्‍नत तकनीक में मदद मिली इस मौके पर देश भर से चुने हुए नवनियुक्‍त युवा रेल मंत्रालय, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग और शिक्षा मंत्रालय, स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में सरकार में शामिल होंगे। रोजगार मेले में प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान के दौरान देशभर के 37 स्थान मेले से जुड़े रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश के प्रतिस्पर्धी लाभ के लिए युवाओं की ताकत का पूरा अहसास होना जरूरी है। उन्‍होंने कौशल और शिक्षा की पहल का उल्‍लेख किया जिससे युवाओं को नए अवसरों का पूर्ण लाभ उठाने के लिए तैयार किया जा रहा है.वही पीएम ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई गई है, नए मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम और आईआईआईटी खोले गए हैं और पीएम कौशल विकास योजना के तहत करोड़ों युवाओं को प्रशिक्षित किया गया .विश्वकर्मा कारीगरों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है.रिस्किलिंग और अपस्किलिंग आज के दौर की आवश्‍यकता है प्रधानमंत्री ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना, विश्वकर्माओं को आधुनिक तकनीक और उपकरणों से जोड़ रही है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन, राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में प्रतिस्‍थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि नवनियुक्‍त भर्तियों में शामिल युवा सरकारी योजनाओं को आगे ले जाएंगे और उन्हें जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि "आज, आप सभी राष्ट्र-निर्माण की हमारी यात्रा में महत्वपूर्ण सहयोगी बन रहे हैं. प्रधानमंत्री ने नवनियुक्‍तों से आग्रह किया की वे भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूर्ण योगदान दें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि युवाओं को अपनी सीखने की प्रक्रिया जारी रखनी चाहिए और आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा, "आपका हर कदम देश को विकास के पथ पर तेजी से आगे ले जाने में मददगार साबित होगा.संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर का उल्लेख किया और नवनियुक्‍तों से वोकल फॉर लोकल के संदेश का प्रसार करने का आग्रह किया, जो देश के भीतर रोजगार सृजन का एक माध्यम भी है। बता दें कि यह रोजगार मेला देश भर में 37 स्थानों पर आयोजित किया गया। इस पहल के तहत केंद्र सरकार के विभागों और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों में भर्तियां हो रही हैं। देश भर से चुने गए नए कर्मचारी रेल मंत्रालय, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में सरकार में शामिल होंगे. वहीं नवनियुक्त कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर ऑनलाइन मॉड्यूल कर्मयोगी प्रधान के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिलेगा। इस पोर्टल पर 'कहीं भी किसी भी डिवाइस पर' प्रशिक्षण के लिए 750 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं।

Posted By: विशेष संवाददाता