दिल्ली नगर निगम में निगम पार्षदों को एक बैठक ले लिये सिर्फ तीन सौ रुपये प्रति बैठक के हिसाब से भत्ते के रूप में दिये जाते रहे हैं. इतने कम पैसे तो शायद दिहाड़ी करने वाले मजदूर की मजदूरी भी नहीं मिलते हैं. इसी कड़ी में आज सदन की मासिक बैठक में एजेंडे के तहत प्रस्ताव पास किया गया, जिसके अनुसार सब सभी निगम पार्षदों को प्रति बैठक 300 रुपये से बढ़ाकर 25000 रुपये प्रति बैठक कर दी गई है. इसके साथ ही अधिकतम चार बैठको के लिये एक निगम पार्षद को 100000 रुपये मिलेंगे. फ़िल्हाल ये एजेंडा प्रस्ताव दिल्ली के मुख्यमंत्री के साथ साथ ही दिल्ली के उप राज्यपाल से होते हुए प्रधानमंत्री के पास जाएगा. वही इस प्रस्ताव का निगम में विपक्ष के नेता राजा इकबाल सिंह ने विरोध किया है और कहा है कि जब एमसीडी के पास फंड की भारी कमी है तो इस तरह का बोझ डालने वाला प्रस्ताव सरकार को नहीं लाना चाहिए. बता दें कि इससे पहले भी कई बार निगम पार्षदों के भत्ते बढ़ाने का प्रस्ताव पास हुआ है लेकिन केंद्रीय सरकार की तरफ से इसकी अनुमति नहीं मिली. वही दिल्ली की मेयर ने इस बारे में कहा कि ये एजेंडा हम सभी ने डीएमसी एक्ट के तहत ही पेश किया है।

Posted By: विशेष संवाददाता