नई दिल्ली/ देश में ताज़ा हालात को देखते हुए एवम शोषित, पिछड़ों और अल्पसंख्यको को लगातार निशाना बनाये जाने को लेकर परिसंघ के राष्ट्रिय अध्यक्ष डॉ. उदित राज की अगुवाई में तमाम सिविल सोसाइटी और बुध्दजीवियो की उपस्थिति में 5 नवंबर 2023, रविवार को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली संविधान बचाओ रैली में लाखों लोग शामिल होंगे इस दौरान सभी प्रमुख नेताओं का संबोधन दोपहर करीब एक बजे होगा. बता दें कि इस रैली में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली के लिए दबाव बनाने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं. बड़ी संख्या में एससी/एसटी, मुस्लिम और ईसाई असुरक्षित महसूस कर रहे हैं कि संविधान को बदला जा रहा है और आरएसएस और भाजपा की ओर से न केवल शब्दों में बल्कि कार्रवाई में भी ऐसे कई उदाहरण हैं जो स्पष्ट हैं. डा उदित राज ने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई, आईटी और अन्य एजेंसियां भाजपा की इकाइयों के रूप में काम कर रही हैं और न केवल विपक्ष बल्कि पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और सही मुद्दों की आवाज उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को निशाना बना रही हैं. उन्होने कहा कि जाति जनगणना से इनकार के कारण 50% से अधिक ओबीसी शासन में अपनी हिस्सेदारी से वंचित हो रहे हैं. डॉ. उदित राज ने आगे कहा कि उच्च न्यायपालिका में एससी/एसटी/ओबीसी और अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व नहीं है और इस प्रकार उन्हें न्याय से वंचित किया जाता है और इसे आरक्षण के बिना सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है.ईवीएम पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और मतपत्र प्रणाली को वापस लाया जाना चाहिए. यह रैली इस सरकार के लिए वाटरलू (हार का कारण) बनने जा रही है और यह एक वास्तविक नागरिक समाज है जो राष्ट्रीय स्तर पर नागरिक आंदोलन छेड़ने जा रहा है।

Posted By: संवाददाता