नई दिल्ली/आज के ऑनलाइन और डिजिटल के दौर में आपकी जरा सी भी सावधानी हटी आपके साथ बड़ा ही फ्रॉड जैसी दुघर्टना घटने के पूरे आसार बने रहते हैं, ऐसा ही एक मामला सेंट्रल दिल्ली पुलिस के सामने आया जब चालीस वर्षीय टी कुरैशी नामक एक महिला ने ऑनलाइन एक डॉक्टर की तलाश की, जिसमें उन्हें एक फोन नम्बर मिला जिसपर सम्पर्क करने पर दिए गए नम्बर से लिंक पर क्लिक कर 5 रुपये जमा करने को कहा गया जिससे की डॉक्टर से अपॉइंटमेंट की जा सकेगी, दिये गए लिंक पर जैसे ही महिला ने क्लिक किया उनके खाते से 61800 रुपये निकाल लिये गये, जिसकी ऑनलाइन शिकायत महिला ने किया, सेंट्रल जिला पुलिस ने मामलें की जाँच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि यह ट्रांजेक्शन फरीदाबाद के एक एटीएम के द्वारा किया गया है, पुलिस ने एटीएम सीसीटीवी सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जानकारी जुटाई तो मामले कुल पाँच लोगों की संलिप्तता पाई गई, पुलिस के अनुसार इस गिरोह का मास्टरमाइंड दरवेश कुमार(41) अपने चार साथियों जिसमे एक महिला प्रियंका सरकार(24),सियाराम शर्मा(29), अजित सिंह(35) और एक सत्तरह वर्षीय नाबालिग के साथ मिलकर यह गिरोह चला रहे थे। कैसे देते थे अपराध को अंजाम..... दिल्ली पुलिस के अनुसार गरीब लोगों के खाते खुलवाने के लिए दस से पन्द्रह हज़ार रुपये की सैलरी में जरूरतमंद लोगों की भर्ती करके उनसे लोगों के खाते खुलवाने के नाम पर आधार कार्ड मंगवाता था, फिर प्रियंका सरकार और नाबालिग आरोपी की मदद से आधार कार्ड का एड्रेस फर्जी तऱीके से चेंज कर खाता खोल लेते थे, इसके बाद बैंक किट को 20हज़ार से लेकर 30 हज़ार तक बेच दिया करते थे, इसके साथ ही फर्जी पते पर वनाये गये एटीएम कार्ड से खातों से चोरी से पैसे निकाल लिया करते थे, वहीं इस मामलें का खुलासा करते हुए सेंट्रल जिला डीसीपी संजय सैन ने मामलें का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी दरवेश कुमार पिछले तीन सालों से इस तरह से लोगों के साथ धोखाधड़ी के कार्य मे संलिप्त है, पुलिस ने चोरी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही में जुटी हुई है,वहीं दिल्ली पुलिस ने इनके पास से 27 मोबाईल फोन,31सिमकार्ड,14 पासबुक,3चेकबुक,13 पैनकार्ड सहित 20विभिन्न बैंकों के एटीएम कॉर्ड बरामद किये हैं।

Posted By: विशेष संवाददाता