नई दिल्ली/ दिल्ली नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए बीते 19 अप्रैल को नामांकन आप और बीजेपी प्रत्याशियों के द्वारा धूम धडाके के साथ किया गया लेकिन कानूनी दावपेंच के चलते 26 अप्रैल को होने वाला मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव फिलहाल अधर में लटक गया है, वहीँ दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निगम प्रभारी जितेन्द्र कुमार कोचर ने एलजी पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली नगर निगम में दलित वर्ग के लिए आरक्षित मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की चुनाव आयोग द्वारा मंजूरी के बावजूद वोटिंग पर उपराज्यपाल द्वारा रोक लगाना संवैधानिक मूल्यों का हनन है.उन्होंने कहा कि यह वर्ष दलित वर्ग के मेयर के लिए आरक्षित था, जिस पर भाजपा के इशारे के कारण मेयर चुनाव पर रोक लगा दी गई, यह दिल्ली के दलित समाज का अपमान है.जितेन्द्र कुमार कोचर ने कहा कि दिसम्बर 2022 से जब से दिल्ली नगर निगम में भाजपा की सरकार हटी है, प्रत्येक बार मेयर के चुनाव में भाजपा की औछी राजनीति और स्वयंभू बने रहने की सोच के कारण अड़चने आ रही है और पिछले दो वर्षो से निगम में स्थायी समिति के साथ जोन व वार्ड कमेटियों का गठन तक नही हुआ है.उन्होंने कहा कि नगर निगम को मजबूती देने हेतू  इंडिया गठबंधन के सहयोगी होने के चलते कांग्रेस पार्टी सत्ताधारी के उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने का ऐलान पहले ही कर चुकी है, जिससे भाजपा पूरी तरह बौखलाई हुई है.कांग्रेस प्रवक्ताअनुज आत्रेय ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान भी निगम में मेयर का चुनाव हआ था, उस समय दिल्ली नगर निगम में भाजपा सत्ता में थी और उसका मेयर बना था परंतु इस बार भाजपा बदले की भावना से राजनीति कर रही है.उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम में मेयर का चुनाव समय पर होना चाहिए, अगर भाजपा मेयर चुनाव में दखलअंदाजी करती है इस मामले में न्यायालय को हस्तक्षेप करके मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव निश्चित समय पर कराना चाहिए।

Posted By: विशेष संवाददाता