नई दिल्ली/केरल सरकार का निगम विभाग, क्षेत्र में सहकारी प्रयासों की उत्कृष्टता पर जोर देते हुए अपने स्टॉल पर नारियल उत्पादों की एक विविध श्रृंखला प्रदर्शित कर रहा है. इस बार के उत्पादों में मुख्य रूप से आकर्षण का केंद्र नारियल तेल के केरा ब्रांड का है, जो कि केरल में नारियल किसानों के शीर्ष सहकारी संघ, केराफेड द्वारा उत्पादित किया जाता है. बता दें कि केराफेड भारत में नारियल तेल के सबसे बड़े उत्पादक के रूप में जाना जाता है. करुनागप्पल्ली कोल्लम और नादुवन्नूर कोझीकोड में दो अत्याधुनिक एक्सपेलर तेल निष्कर्षण कारखाने संचालित करता है.वहीं करुणागापल्ली में नारियल तेल परिसर 250 टन की उल्लेखनीय दैनिक क्षमता के साथ देश की सबसे बड़ी इकाइयों में से एक है. निगम विभाग से श्री सेतु का कहना है,हमारा नारियल तेल विभिन्न सहकारी समितियों के द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है, जिससे इसकी 100% शुद्धता के लिए दिलपसंद ग्रेड खोपरा का उपयोग सुनिश्चित होता है. उत्पाद विभिन्न आकारों में आते हैं, जिनमें 1-लीटर, 500 मिलीलीटर शामिल हैं , और 250 मिलीलीटर की बोतलें, विविध उपभोक्ता आवश्यकताओं को पूरा करती हैं. वहीं इस दौरान उद्यमी माया नायर ने कहा कि मेरे खाना पकाने में केरा नारियल तेल का उपयोग लाभकारी रहा है.इसकी शुद्धता और गुणवत्ता हर व्यंजन के स्वाद को बढ़ाती है और दो चरण की फ़िल्टरिंग प्रक्रिया एक आनंददायक अनुभव के लिए मूल सुगंध को बरकरार रखती है. मेले में आई एलिजा शर्मा एक गृहिणी ने अपना अनुभव साझा किया एक जिम्मेदार गृहिणी के रूप में मैं केरा नारियल तेल की लंबी शेल्फ लाइफ और उचित कीमत की सराहना करती हूं, रसोई से परे भी यह त्वचा की देखभाल से लेकर विभिन्न घरेलू जरूरतों के लिए मेरा पसंदीदा उपाय है.बालों की कंडीशनिंग के लिए भी यह लाभकारी है. वहीं मेले में आये एक शेफ़ राजेश मेनन ने कहा कि केरा नारियल तेल में खाना पकाने से हर व्यंजन में एक अनोखा स्वाद आता है.इसकी बहुमुखी प्रतिभा मेरे सभी पाक प्रयोगों के लिए इसे मेरी पसंदीदा पसंद बनाते हैं. यह सिर्फ तेल नहीं है, यह मेरी रसोई में एक आवश्यक सामग्री है.जानकारी के मुताबिक निगम विभाग केरल की सहकारी उत्कृष्टता की समृद्ध परंपरा को मजबूत करते हुए उपभोक्ताओं को अपने स्टॉल पर नारियल उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता का अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Posted By: संवाददाता