नई दिल्ली (मूकसत्ता समाचार) उत्तर रेलवे के मैनेजर अशोक कुमार ने बताया कि उत्तर रेलवे ने अपने राजस्व रिकॉर्ड वृद्धि 23,719.41 करोड़ रुपये के रूप में अर्जित किया,जोकि पिछले वर्ष की तुलना में 13.05% अधिक राशि है. यह बढ़ोत्तरी उत्तर रेलवे ने यात्री सुविधा और प्रौद्योगिकी उन्नयन पर ध्यान केंद्रित करते हुए रिकॉर्ड वृद्धि हासिल करके वित वर्ष 2024-25 को अपने इतिहास के एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अध्याय के रूप में दर्ज किया है.उन्होंने बताया कि बेहतर समन्वय का प्रदर्शन करते हुए, उत्तर रेलवे ने 23,719.41 करोड़ रुपये का कुल मूल राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.05% अधिक है,यह उपलब्धि यात्री सेवाओं, माल ढुलाई और परिचालन दक्षता में नए रिकॉर्ड स्थापित करने की दिशा में किए गए प्रभावशाली प्रदर्शन से संभव हो पायी. महाप्रबंधक ने बताया कि यात्री राजस्व से 12,850.38 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.03% अधिक है। 55.67 मिलियन टन माल की ऐतिहासिक लोडिंग के चलते, माल लदान से होने वाला राजस्व पिछले वर्ष से 16.13% बढ़कर 7,757.49 करोड़ रुपये हो गया । पारंपरिक राजस्व अर्जन उपायों से अलग, उत्तर रेलवे ने गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Revenue) के माध्यम से नए अवसरों को खोला है। वर्ष 2024-25 के दौरान उत्तर रेलवे ने पार्किंग से 64.44 करोड़ रुपये कमाए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 39% अधिक है, जबकि खानपान से राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में 10.73% बढ़कर 419.54 करोड़ रुपये हो गया. रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नामकरण अधिकारों के लिए अनुबंध प्रदान किए, हरिद्वार और शाहजहांपुर स्टेशनों पर भारत की पहली ईवी चार्जिंग और पार्किंग सुविधाएं शुरू कीं, और यात्रियों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रमुख केंद्रों पर मेडिकल आउटलेट और पार्सल सेवाएं स्थापित कीं.अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-2025 के दौरान उत्तर रेलवे के नेटवर्क में कुल सात नई ट्रेनें, (दो वंदे भारत और पांच एक्सप्रेस ट्रेनें) शामिल की गईं.अधिक गंतव्यों को कवर करने के लिए छह ट्रेनों (चार एक्सप्रेस और दो पैसेंजर ट्रेनें) को यात्रा विस्तार भी दिया गया. तीन रेलगाड़ियों के फेरों में वृद्धि की गई.जिससे यात्रियों को अधिक यात्रा विकल्प मिलने से लाभ हुआ.वंदे भारत ट्रेनों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, वंदे भारत ट्रेनों के चार सेटों की यात्री क्षमता 16 डिब्बों से बढ़ाकर 20 डिब्बों तक कर दी गई, जबकि एक सेट की क्षमता 8 डिब्बों से बढ़ाकर 16 डिब्बों तक कर दी गईं.विशेष रेलगाड़ियों की संख्या में वृद्धि से यात्रियों के आवागमन में सुधार हुआ, जिसमें शरदकालीन अवकाश विशेष रेलगाड़ियों की सेवाओं में 50.18% और होली स्पेशल रेलगाड़ियों की सेवाओं में 46.29% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई. तीर्थयात्रियों की मांगों को पूरा करते हुए उत्तर रेलवे ने महाकुंभ के लिए श्रद्धालुओं के परिवहन को कुशलतापूर्वक संभाला, इसी क्रम में उत्तर रेलवे परिक्षेत्र पर (01.01.2025 से 06.03.2025 तक) विभिन्न क्षेत्रों से प्रयाग क्षेत्र तक कुल 2,433 महाकुंभ विशेष ट्रेनें चलाई गईं.इसके अलावा,142 भारत गौरव ट्रेनें चलाई गईं, जो सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के विकास में उत्तर रेलवे के योगदान को दर्शाती हैं। इसके साथ ही डिजिटलीकरण एक गेम चेंजर के रूप में अस्तित्व में आया,काउंटरों पर क्यूआर कोड, 117 एटीवीएम कियोस्क बनाए गए, जिससे टिकट लेना आसान हो गया. जैसे-जैसे उत्तर रेलवे उपलब्धियों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसका जोर बुनियादी ढांचे के उन्नयन, हरित पहल और अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से विकास को बनाए रखने पर है.उत्तर रेलवे लोगों को एक साथ लाने और प्रगति को बढ़ावा देने की विरासत के साथ, यह क्षेत्र रेलवे नेटवर्क में उत्कृष्टता के मानक स्थापित करना जारी रखता है।

Posted By: प्रमुख संवाददाता