जयपुर/भारत की संस्कृति और सामाजिक एकता बनाए रखने में पत्रकारिता का बड़ा योगदान है.जब कभी भी संस्कृति का ह्रास होने की स्थिति का भान होता है, तब पत्रकारिता अपनी लेखनी से जनजागरण की भूमिका निभाती है. उन्होंने कहा कि आज जिस तरह पीएम मोदी की नेतृत्व में देश तरक्की के पथ पर बढ़ रहा है और आज का युवा इस गति को लेकर उत्साहित है, इन स्थितियों में पत्रकारिता को भी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी और निष्ठा से निभानी चाहिए। यह विचार केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार को यहां निम्स यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया (एनयूजे आई) के राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए कहा. पत्रकार सुरक्षा कानून, सम्मानजनक मानदेय, राष्ट्रीय पत्रकार रजिस्टर आदि मुद्दों को लेकर हो रहे इस दो दिवसीय अधिवेशन में पत्रकार की भूमिका को उन्होंने हर काल में चुनौतीपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि डिजिटल युग आने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कई बदलाव आए हैं. आज ज़रूरत है कि पत्रकारों को प्रासंगिक पत्रकारिता से जुड़ना होगा.उन्हें लगातार रिलेवेंट बना रहना पड़ेगा, उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जो रिलेवेंट नहीं रहा, उसका विकास नहीं हो सका, पत्रकारों को सही को सही और गलत को गलत कहने की हिम्मत रखनी होगी. अन्यथा इसमें जो चूका, उसे आने वाली पीढ़ियों को यह जवाब देना पड़ेगा कि जिनके हाथ में जन जागरण की जिम्मेदारी थी उस वक्त वह हाथ क्या कर रहे थे उन्होंने पेड न्यूज़ के बढ़ते चलन पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इस यथार्थ को पत्रकारिता जगत को स्वीकार करना पड़ेगा. उद्घाटन सत्र में भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, विधायक राम लाल शर्मा, पूर्व सांसद व चुनाव प्रबंधन कमेटी भाजपा के संयोजक नारायण पंचारिया, महानगर टाइम्स के प्रधान संपादक गोपाल शर्मा, फर्स्ट इंडिया के सीईओ व एडिटर पवन अरोड़ा, निम्स के निदेशक डॉ पंकज सिंह, शेखावाटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ सर्वेश जोशी, राष्ट्र नव निर्माण सेना (रणसे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कौशिक, शानिधाम पीठाधीश्वर दाती महाराज, वरिष्ठ पत्रकार गुलाब बत्रा अतिथि थे। निम्स विश्वविद्यालय के चेयरमैन एवं चांसलर डाॅ. बीएस तोमर एवं निदेशक डाॅ. पंकज सिंह ने अतिथियों तथा एनयूजेआई के पदाधिकारियों को साफ़ा पहनाकर व स्मृति चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया।

Posted By: विशेष संवाददाता