नई दिल्ली/ दिल्ली नगर निगम के एकीकृत करना लगता है कि निगम के लिये मानो एक अपसगुन साबित हो रहा है, कारण है कि पिछले एक वर्ष से नई निगम सरकार चुने जाने के बाद से ही निगम हाऊस की एक भी बैठक शांतिपूर्ण तरीके से अभी तक नहीं सम्पन्न हो सकी है. इसी बीच मंगलवार की मासिक बैठक भी जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गई, और मेयर शैली ओबराय की अगुवाई में नेता सदन मुकेश गोयल ने प्रस्तावित एजेंडा सदन के सामने पेश किया और हँगामे के बीच में कुल 51 एजेंडा पास किया गया. गौरतलब है कि आज जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई, कांग्रेस की सभी निर्वाचित पार्षदों ने सदन में डेंगू, मलेरिया और प्रदूषण को लेकर जोरदार हँगामा शुरू कर दिया और मेयर के सामने आकर नारेवाज़ी शुरू कर दी. इन्ही हँगामो के बीच ही नेता सदन ने एजेंडा पेश कर दिया जिसे सत्तापक्ष के पार्षदों ने एक सुर में सहमति प्रदान की. इसी हँगामे और शोर शराबे के भीतर ही भाजपा पार्षदों ने एजेंडे को फाड़कर हवा में लहरा दिया. इस तरह से जनता से जुड़े मुद्दे को लेकर एक बार फिर नेताओ द्वारा मखौल उडाया गया।

Posted By: विशेष संवाददाता