. बीआरसी की पुस्तक 'द सर्केडियन डॉक्टर' के विमोचन पर आचार्य मनीष ने कहा कि आयुर्वेद से कैंसर, लिवर फेल, किडनी फेल और थैलेसीमिया का इलाज सम्भव नई दिल्ली/ HIIMS के संस्थापक आचार्य मनीष ने नेचुरोपैथी और आयुर्वेद की अविश्वसनीय उपचार क्षमता के बारे में वीरवार को सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में बड़ी संख्या में मौजूद देश भर से आये तमाम बुद्धजीवीओ और मीडियाकर्मियों के सामने खुलकर अपनी बात रखते हुए लोगों की शंकाओं को दूर करते हुए और आशा जगाते हुए कैंसर, लिवर फेल, किडनी फेल और थैलेसीमिया जैसे जटिल रोगों के इलाज में आयुर्वेद के द्वारा समाधान का रास्ता बताया. वहीं इस दौरान डॉ. बीआरसी के नाम से मशहूर डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी ने अपनी पुस्तक - द सर्केडियन डॉक्टर का अनावरण किया, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए एक क्रांतिकारी नज़रिया पेश करती है. इस कार्यक्रम ने न केवल आयुर्वेद की जीत का जश्न मनाया, बल्कि स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशने वालों को आशा की एक किरण भी दिखाई.इसके साथ ही वहां आपात स्थिति से निपटने और दर्द प्रबंधन के लिए वासो-स्टिम्यूलेशन थेरेपी का नमूना पेश की गई. पत्रकारों से बातचीत करते हुए द सर्केडियन डॉक्टर के बारे में बात करते हुए, डॉ. बीआरसी ने कहा, "द सर्केडियन डॉक्टर सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के प्रति दृष्टिकोण में एक आदर्श बदलाव है. अपने शरीर की प्राकृतिक लय को समझ कर और उसके साथ तालमेल बिठाकर, हम पुरानी बीमारियों को रोकने और उलटने के लिए खुद को सशक्त बना सकते हैं. द सर्केडियन डॉक्टर किताब बॉडी क्लॉक के महत्व पर प्रकाश डालती है, जो स्वास्थ्य को नियंत्रित करने वाली एक समयबद्ध मानवीय घटना है.डॉ. बीआरसी ने जोर देकर कहा कि सर्केडियन क्लॉक को सही करके लाइफटायल से जुड़े रोगों को रोकने व उलटने में मदद मिल सकती है. इस दौरान आचार्य मनीष ने कहा,हिम्स आयुर्वेद में हम शरीर की जन्मजात उपचार शक्ति में विश्वास करते हैं.प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ जोड़कर, विभिन्न प्रकार की बीमारियों के इलाज में हमारी एप्रोच सफल रही है,इससे आशा जगती है कि हमारे मरीज़ स्वस्थ रहेंगे. वहीं इस कार्यक्रम में, डॉक्टरों और मरीजों ने किडनी, कैंसर, लिवर, मधुमेह, बीपी और हृदय रोगों को उलटने में हिम्स की सफलता की पुष्टि की. आचार्य मनीष ने रोगों से लड़ने के लिए शरीर की आंतरिक शक्ति बढ़ाने पर जोर दिया. हिम्स में विविध एप्रोच से बीमारियों का इलाज होता है, जिसमें आयुर्वेद, एलोपैथी, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी आदि शामिल हैं.हिम्स के सेंटर भारत के कई शहरों में मौजूद हैं, जैसे डेराबस्सी (चंडीगढ़), लखनऊ, नवी मुंबई, ठाणे, संगरूर, भागलपुर, गुरुग्राम, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, दिल्ली और गोवा। देशभर में 200 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर इन केंद्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

Posted By: विशेष संवाददाता