नई दिल्ली/दिल्ली के कांस्टिट्युशन क्लब ऑफ इंडिया में आज भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट एशोसिएसन के प्रमुख डाॅ संजीव झा ने बताया भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोदी के फिट इंडिया के तहत हम भारत की आवश्यकता महसूस करने वाले लोगों के लिए एक अद्भुत मुफ्त टेली-परामर्श वेबसाइट का शुभारंभ कर रहे हैं, जिसमें मुख्य ध्यान बुढ़ापे और स्कूली बच्चों पर होगा. इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के फिट इंडिया के सपने को साकार करने के इस विचार के साथ इस साइट को लॉन्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है की फिजियोथेरेपी को फिजियो-पैथी के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है.फिजियोथेरेपी पेशेवरों का सबसे प्राचीन पेशा है, जो पिछले पाँच दशकों में विश्वभर में विकसित हुआ है. हमारे वैदिक साहित्य से लेकर आधुनिक चिकित्सा तक हमारे इसके संबंध हैं, जिससे इसे चिकित्सा प्रणाली के रूप में शामिल किया जा सकता है और इसे फिजियो-पैथी के रूप में संदर्भित किया जा सकता है.इसलिए हम इस सम्मेलन की मंच से थेरेपी से कैथी तक किताब का लॉन्च कर रहे हैं और भारत सरकार से मांग कर रहे हैं कि फिजियोथेरेपी को चिकित्सा प्रणाली की सूची में शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सम्मेलन का उद्घाटन सम्मानीय मंत्री रामदास आठवले द्वारा किया जाएगा और स्वास्थ्य मंत्रालय, नीति आयोग, प्रसिद्ध वकीलों, और अन्य स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों से कई अधिकारियों के साथ इसमें हिस्सा लेने और चिंतन करने का आयोजन होगा.इस मौके पर डाॅ रुचि वार्षेय ने कहा कि कोरोना काल के बाद लोगो की दिनचर्या मे काफी बदलाव देखने को मिला है लोग घरों में रहकर काम करने लगे हैं जिस कारण से पोसचर् बदलने के कारण सर्वाइकल सहित पीठ दर्द और कमर दर्द से लोग खासे परेशान हो रहे हैं. जिसका ईलाज सही जानकारी वाले थेरेपिस्ट से किया जा सकता है वही आम दिनचर्या में पोसचर् का बड़ा ही महत्व है. वही आईएपी के महासचिव डॉ. के.एम. अन्नामलई ने कहा कि भारत में भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन ने 1955 में स्थापित होकर भारत का सबसे बड़ा और पुराना राष्ट्रीय फिजियोथेरेपी एसोसिएशन बनाया है.आईएपी के 36 राज्य, 450 से अधिक जिले, और सभी भारतीय फिजियोथेरेपिस्टों और फिजियोथेरेपी छात्रों से जुड़ी हुई हैं, और यह विश्व भर में विश्व फिजियोथेरेपी संघ के माध्यम से 136 देशों से जुड़ी हुई है। यह फिजियोथेरेपी पेशेवर को उच्च स्तर तक उठाने में एक महत्वपूर्ण संस्था है।डॉ. जोजी जॉन, ज्वाइंट सचिव, ने बताया कि इस सम्मेलन में 122 फिजियोथेरेपिस्ट और स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञ शामिल होंगे.विश्व फिजियोथेरेपी के अध्यक्ष डॉ. माइकल लैंड्री कनाडा से और डॉ. दिनेश वर्मा सिंगापुर से भी इस सम्मेलन में मुख्य वक्तव्य देंगे.

Posted By: संवाददाता