नई दिल्ली/मूकसत्ता समाचार,आम आदमी पार्टी ने संत रविदास जी की जन्मस्थली काशी से मिट्टी लाकर दिल्ली के विभिन्न मंडलों में कलश यात्रा के माध्यम से वितरित करने की भाजपा की पहल पर सवाल उठाए हैं। ‘आप’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा उत्तर प्रदेश चुनाव को देखते हुए दलित समाज को साधने के लिए संत रविदास जी के प्रति सम्मान का दिखावा कर रही है। सोमवार को ‘आप’ मुख्यालय में विधायक विशेष रवि के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के तुगलकाबाद में स्थित संत रविदास जी के ऐतिहासिक मंदिर को वर्ष 2019 में ध्वस्त कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि मंदिर तोड़े जाने के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और सरकार की ओर से दोबारा मंदिर निर्माण का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन आज तक वहां मंदिर का निर्माण नहीं हो सका है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कालकाजी और गोविंदपुरी की मुख्य सड़क का नाम संत रविदास मार्ग है और इसके पीछे वहां स्थित ऐतिहासिक मंदिर का इतिहास जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15वीं शताब्दी में सिकंदर लोदी ने संत रविदास जी से प्रभावित होकर दिल्ली में मंदिर बनवाया था, जबकि बाद में भाजपा शासन के दौरान इसे ध्वस्त कर दिया गया। ‘मंदिर तोड़ने के बाद अब मिट्टी बांटने का दिखावा’ विधायक विशेष रवि ने भाजपा के ‘समरसता संकल्प अभियान’ पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की दिल्ली इकाई द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में इस अभियान की शुरुआत की गई है। उनके मुताबिक, काशी से संत रविदास जी की जन्मस्थली की मिट्टी लाकर दिल्ली के विभिन्न मंडलों में वितरित करने की तैयारी है। विशेष रवि ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में संत रविदास जी और दलित समाज का सम्मान करती है, तो उसे पहले तुगलकाबाद में मंदिर निर्माण का कार्य पूरा करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अगस्त 2019 को डीडीए द्वारा मंदिर को ध्वस्त किए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन हुए और आंदोलन के दौरान संत रविदास जी के 92 अनुयायियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दबाव के बाद मंदिर के लिए मूल 13 बीघा जमीन के बदले करीब 400 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध कराई गई, लेकिन वहां भी अभी तक मंदिर निर्माण शुरू नहीं हुआ है। बाबा साहब की तस्वीरों और स्कूलों के नाम को लेकर भी सवाल विशेष रवि ने आरोप लगाया कि भाजपा ने दलित समाज और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का कभी सच्चे मन से सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछली ‘आप’ सरकार के दौरान सरकारी कार्यालयों में बाबा साहब की तस्वीरें लगाई गई थीं, जिन्हें भाजपा सरकार बनने के बाद हटाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व ‘आप’ सरकार द्वारा बाबा साहब के नाम पर शुरू किए गए कुछ विशेषीकृत स्कूलों के नाम बदलकर ‘सीएम श्री’ कर दिए गए। विशेष रवि ने कहा कि भाजपा को संत रविदास जी की जन्मस्थली की मिट्टी बांटने के बजाय दलित समाज के प्रति अपने व्यवहार में वास्तविक बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव को देखते हुए भाजपा द्वारा यह अभियान राजनीतिक संदेश देने और दलित मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है।

Posted By: मुख्य संवाददाता